कमी सी है, जींदगी के साथ!!
31Mar08
यूँ तो गुजर रहा है, हर इक पल ख़ुशी के साथ,
फीर भी कोई कमी सी है, क्यूं जींदगी के साथ
रीश्ता वफाएं दोस्ती, सब कुछ तो पास है,
क्या बात है पता नहीं, दील क्यूँ उदास है,
हर लम्हा है हसीन , नई दील्काशी के साथ,
फीर भी कोई कमी सी है, क्यूं जींदगी के साथ
चाहत भी है सुकून भी है दिल्बरी भी है,
आँखों में ख्वाब भी है, लबों पर हंसी भी है,
दील को नहीं है कोई, शीकायत कीसी के साथ,
फीर भी कोई कमी सी है, क्यूं जींदगी के साथ
सोचा था जैसा वैसा ही जीवन तो है मगर,
अब और कीस तलाश में बैचैन है नज़र,
कुदरत तो मेहरबान है, दरयादिली के साथ,
फीर भी कोई कमी सी है, क्यूं जींदगी के साथ
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आशीष जैन (Ashish Jain)
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